नालन्दा:- आस्था पर गहराता कोरोना का साया,औगारीधाम और बड़गांव छठघाट पर नहीं दिखेगी पहले जैसी रौनक

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ऋषिकेश की रिपोर्ट
इस बार दुर्गापूजा व दीपावली के बाद कोविड 19 का ग्रहण छठपूजा के उपर भी मंडराने लगा है तभी तो छठपूजा को लेकर इस बार जिला प्रशासन के द्वारा कोविड 19 को देखते हुए गाइडलाइन जारी किया गया है। इस बार नालन्दा जिले के दो ऐतेहासिक छठघाट औगारीधाम और बड़गांव में बाहर से आने वाली छठव्रतियों के ऊपर रोक लगा दिया गया है।

आपको बता दे की हर साल औगारीधाम और बड़गांव छठघाट पर बिहार,बंगाल,ओड़िसा,झारखंड से छठव्रतियों दो दिन पूर्व आकर इस छठघाट पर टेंट डालकर छठपूजा करती थी लेकिन इस बार कोविड 19 को देखते हुए बाहर से आने वाले छठव्रतियों का औगारीधाम और बड़गांव छठघाट पर रोक लगा दी है।

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इस बार इन छठघाट पर स्थानीय छठव्रती ही अर्ध्य दे पाएगी। प्राचीन काल से ही औगारीधाम और बड़गांव छठघाट का अपना महत्व है। स्थानीय पुजारी के अनुसार भगवान श्री कृष्ण के पौत्र राजा श्याम का के शरीर में कुष्ठव्याधि हो गया था इसी सूर्यनारायण के नगरी में इनका कुष्ठ व्याधि रोग इस छठघाट तालाब में नहाने से दूर हुआ था तभी से इस बड़गांव छठघाट का अपना महत्व रहा है और यह परंपरा पिछले द्वापर युग से चला आ रहा है। अभी भी इस छठघाट पर जो छठव्रती मान्यता लेकर छठ करने आती हैं उनकी मनोकामना पूर्ण होती है।

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