कुम्भ मेला में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए एसओपी की गई जारी, इन नियमों के करने होंगे पालन

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कोरोना के साये में होने जा रहे हरिद्वार कुंभ में पंजीकरण और आने से 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट के बाद ही श्रद्धालु आ सकेंगे। इस सिलसिले में सरकार ने कुंभ मेला क्षेत्र में कोरोना संक्रमण से बचाव के मद्देनजर 10 सेक्टर के लिए मानक प्रचालन कार्यविधि (एसओपी) जारी कर दी है।

इन सेक्टर में आश्रम-धर्मशाला, होटल-रेस्टोरेंट व गेस्ट हाउस, दुकान-वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, धार्मिक स्थल, सार्वजनिक परिवहन, वाहन पार्किंग स्थल, हाल्टिंग प्वाइंट, घाट, रेलवे और बस स्टेशन शामिल हैं। सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरुगेशन के अनुसार कुंभ के लिए अंतरराज्यीय परिवहन, पंजीकरण आदि को लेकर जल्द ही एक और एसओपी जारी की जाएगी।


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इस नियमों का करना होगा पालन
सभी आश्रम/धर्मशाला/होटल/अतिथि गृह मे ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति के हरिद्वार आने की तारीख से 72 घंटे पहले तक की नेगेटिव Covid RT-PCR लेकर आना जरूरी होगा।

कुंभ मेला हरिद्वार में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति अथवा यात्री को महाकुंभ मेला, 2021 के वेब पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा, केवल रजिस्टर्ड लोगों को ही एंट्री मिलेगी।

आश्रम या धर्मशाला में केवल उसी व्यक्ति को प्रवेश मिलेगा जिसके पास एंट्री पास होगा और हथेली के ऊपरी भाग पर अमिट स्याही का चेक्ड मार्क होगा।

कुंभ मेले के दौरान संपूर्ण मेला क्षेत्र में किसी भी स्थान पर संगठित रूप से भजन गायन और भंडारे के आयोजन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।

किसी भी श्रद्धालु/ श्रद्धालुओं का जत्था को पवित्र स्नान के लिए अधिकतम 20 मिनट दिए जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं की निकासी के लिए पर्याप्त मानव संसाधन की तैनाती की जाएगी ताकि अगला जत्था पवित्र स्नान कर सके।

स्नान घाट या घाट क्षेत्र में तैनात सभी कर्मी यथासंभव PPE किट से लैस होंगे और सभी सुरक्षा उपायों का पालन करेंगे।

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