बीस साल सजा काटने के बाद रेप आरोपी हुआ निर्दोष, हरिजन ऐक्ट के मुकदमे में काटी सजा, पढ़िए पूरी खबर

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उत्तर प्रदेश के ललितपुर निवासी विष्णु तिवारी को हाई कोर्ट ने 20 साल बाद रेप और हरिजन एक्ट के मामले में निर्दोष साबित किया है। विष्णु तिवारी को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। विष्णु तिवारी के निर्दोष साबित होने पर परिवार को संतोष तो है लेकिन चेहरे पर वो खुशी नहीं है जो होनी चाहिए थी।

ग्राम सिलावन निवासी 16 वर्ष की उम्र में जेल गया किशोर अब जवान हो गया और उसने बीस सालों में अपने माता-पिता, दो भाइयों को खो दिया। वहीं जमीन जायदाद भी उसकी पैरवी के चलते बिक गई है।

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जेल से रिहा हुआ शख्स विष्णु तिवारी 43 वर्ष का है। 20 साल पहले गिरफ्तार होने के बाद 2003 में उसे ललितपुर की अदालत ने रेप के मामले में 10 साल और एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। कोर्ट के आदेश के मुताबिक दोनों सजाएं साथ-साथ चलनी थीं। विष्णु तिवारी पर आरोप था कि उसने गांव की अनुसूचित जाति की महिला को झाड़ी में खींचकर बलात्कार किया था। पुलिस ने इस मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

आगरा के रहने वाले सोशल और आरटीआई एक्टिविस्ट नरेश पारस ने इस संबंध में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को एक पत्र लिखा है। नरेश पारस का कहना है कि विष्णु के मामले में पुलिस ने लचर कार्रवाई की। सही तरीके से जांच नहीं की गई, जिसके चलते विष्णु को अपनी जवानी के 20 साल जेल में बिताने पड़े। जब विष्णु जेल में आया था तो उसकी उम्र 25 साल थी। आज वो 45 साल का होकर जेल से बाहर जा रहा है। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने के साथ ही विष्णु को मुआवजा दिया जाए। मुआवजे की रकम पुलिसकर्मियों के वेतन से काटी जाए।

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