बिहार और यूपी में आबादी के हिसाब से बेहद कम हो रहा है कोरोना टीकाकरण, देखें आंकड़ें

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अमन शर्मा नई दिल्‍ली. देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के मामले दिनोंदिन बड़ी संख्‍या में आ रहे हैं. ऐसे में इस संक्रमण से बचाव के लिए बड़े स्‍तर पर देश में टीकाकरण अभियान (Corona Vaccination) चलाया जा रहा है. लेकिन यह टीकाकरण अभियान देश के दो सर्वाधिक आबादी वाले और ग्रामीण अंचल वाले राज्‍यों उत्‍तर प्रदेश व बिहार में चुनौती का सामना कर रहा है. अगर प्रति 10 लाख आबादी पर हुए टीकाकरण की बात करें तो ये दोनों ही राज्‍य अंतिम पायदान पर हैं. जबकि देश में प्रति दस लाख की आबादी पर होने वाले कोरोना टीकाकरण का राष्‍ट्रीय औसत 1.2 लाख है. बिहार और यूपी इस स्‍तर के आधे में है. भारत में सबसे अधिक आबादी वाला राज्‍य उत्‍तर प्रदेश प्रति दस लाख आबादी पर 58 हजार टीके लगा पाया. पहीं बिहार यह आंकड़ा 61,587 है. 12 करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्‍य बिहार में सिर्फ 2706 कोरोना टीकाकरण केंद्र हैं. इनमें से 19 प्राइवेट हैं. बिहार में 5 मई को 82000 टीके लगाए गए हैं. राज्‍य के पास स्‍टॉक में अब भी 5.34 लाख वैक्‍सीन डोज हैं. ऐसे में केंद्र सरकार ने बिहार को अगले तीन दिन में सिर्फ 50 हजार वैक्‍सीन भेजने का निर्णय लिया है. बिहार में अब तक करीब 75 लाख टीके लगाए जा चुके हैं. अगर बड़े आंकड़ों की बात करें तो उत्‍तर प्रदेश 1.32 करोड़ टीके लगाए. 5 मई को राज्‍य में 1.47 लाख टीके लगाए गए. यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने पिछले महीने कहा था कि 1 मई से राज्‍य में रोजाना 6.5 लाख कोरोना टीके लगाए जाएंगे. लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है. यूपी के पास 10 लाख कोरोना टीकों का स्‍टॉक है.महाराष्‍ट्र में प्रति दस लाख की आबादी पर 1.4 लाख टीके लगाए गए. वहीं राजस्‍थान और गुजरात में आंकड़े कुछ अच्‍छे हैं. दोनों राज्‍यों में प्रति दस लाख की आबादी पर 1.9 लाख टीके लगाए गए. ग्रामीण इलाके और दूरी डोज की चुनौती उत्‍तर प्रदेश में अब तक सबसे ज्‍यादा टीके लखनऊ में लगाए गए हैं. शहर में यह आंकड़ा 6.11 लाख है. वहीं मेरठ, कानपुर, प्रयागराज, नोएडा और गाजियाबाद में 4-4 लाख वैक्‍सीन डोज दिए गए हैं.
वहीं बिहार में अब तक सर्वाधिक टीके पटना में लगे हैं. पटना में 6.6 लाख टीके लगे हैं. सारण और सीवान में 3.5 लाख-3.5 लाख टीके लगाए गए. लेकिन अन्‍य जिलों में स्थिति खराब है. इससे यह पता चलता है कि यूपी और बिहार के ग्रामीण इलाकों में कोरोना टीकाकरण की हालत गंभीर है. अगर राज्‍य लोगों को टीके की दूसरी खुराक बड़ी संख्‍या में दे पाते हैं, तो यह लोगों की सुरक्षा करने में सहायक होगी. बिहार की हालत इस मामले में भी खराब है. बिहार में अब तक 13.75 लाख लोगों को ही टीके की दोनों खुराक दिए गए हैं. उत्‍तर प्रदेश में यह संख्‍या 26.46 लाख है. गुजरात में 30 लाख लोगों को दोनों डोज दी जा चुकी हैं. राजस्‍थान में यह आंकड़ा 25 लाख है. वैक्‍सीन की बर्बादी भी काफी देखने को मिल रही है. बिहार में 5 फीसदी टीके बर्बाद हुए. वहीं यूपी में 3.4 फीसदी टीके बर्बाद हुए. यूपी सरकार ने कहा है कि कोरोना के टीके की बर्बादी ना हो. साथ ही कोरोना टीका केंद्र की संख्‍या भी 5842 से बढ़ाई जाएगी. ये हैं कारण बिहार और यूपी के ग्रामीण जिलों में तैनात दो जिला मजिस्‍ट्रेट ने न्‍यूज18 से कहा है कि यह ग्रामीण लोगों को मनाने का टास्‍क है कि वह खुद ही टीकाकरण के लिए मान जाएं. क्योंकि उनमें इसके बारे में भ्रम है. पूर्वी यूपी में तैनात अफसरों का कहना है कि कोरोना वैक्‍सीन लगने के बाद हुई लोगों की मौत को लेकर गांववालों में डर है. इसके लिए जागरूकता फैलाने की जरूरत है.

वहीं उत्‍तर बिहार में तैनात अफसर का कहना है कि बिहार में टीका केंद्रों की कम संख्‍या भी समस्‍या का कारण हैं. वहीं राज्‍य में लगाए गए लॉकडाउन के कारण भी लोग कोरोना वैक्‍सीन लगवाने के लिए बाहर निकलने से डरेंगे.



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