पैसेंजर से बदतर हुई टीका एक्सप्रेस: 17 दिन में 40 गाड़ी से 1.36 लाख वैक्सीनेशन का था टॉरगेट, पूरी ताकत लगाने के बाद भी मात्र 3198 को लगा टीका

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पटना9 मिनट पहले

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टीका एक्सप्रेस।

  • शहरी वार्ड में वैक्सीनेशन को लेकर राज्य में 121 गाड़यों को लगाया गया है

टीका एक्सप्रेस की रफ्तार पैसेंजर से भी बदतर हो गई है। 3 जून को बिहार के स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश में 121 गाड़ियों को विशेष टीकाकरण अभियान के लिए रवाना किया था। यूनिसेफ ने 40 और केयर इंडिया ने 81 गाड़ी इस विशेष मुहिम में लगाई है। हर गाड़ी पर दो दो कर्मियों को भी लगाया गया है। इस बड़े मिशन के बाद पटना में वैक्सीनेशन की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। पटना में लगी 40 गाड़ियों को एक दिन में 8000 वैक्सीनेशन करना था और 17 दिनों में यह टारगेट 1.36 लाख हआ लेकिन अब तक मात्र 3198 को ही टीकाकृत किया जा सका है।

कहां कितनी लगाई गई गाड़ी

  • अजीमाबाद अंचल – 6
  • बांकीपुर अंचल – 6
  • कंकरबाग अंचल – 6
  • नगर परिषद दानापुर – 2
  • नगर परिषद फुलवारी – 2
  • न्यू कैपिटल अंचल – 6पाटलिपुत्रा अंचल – 6
  • पटना सिटी अंचल – 6

17 दिन में यह रहा परिणाम

  • अजीमाबाद अंचल में 6 गाड़ी से 590 वैक्सीनेशन
  • बांकीपुर अंचल में 6 गाड़ी से मात्र 930 वैक्सीनेशन
  • कंकड़बाग अंचल में 6 गाड़ी से मात्र 389 वैक्सीनेशन
  • नगर परिषद दानापुर में 2 गाड़ी से 230 वैक्सीनेशन
  • नगर परिषद फुलवारी में 2 गाड़ी से 109 वैक्सीनेशन
  • न्यू कैपिटल अंचल में 6 गाड़ी से मात्र 310 वैक्सीनेशन
  • पाटलिपुत्रा अंचल में 6 गाड़ी से 320 वैक्सीनेशन
  • पटना सिटी अंचल में 6 गाड़ी 320 वैक्सीनेशन

सरकार की योजना शहरी वार्ड को 100% वैक्सीनेशन

सरकार की मंशा है कि शहरी क्षेत्र के सभी वार्डों में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन को लेकर है लेकिन पटना में इस मंशा को रफ्तार नहीं मिल पा रही है। इसी मंशा को लेकर सरकार ने 121 गाड़ियों को पूरे बिहार में चलाया है। पटना में 40 गाड़ी को लगाया गया लेकिन वैक्सीनेशन की हकीकत सामने आ गई है। इतनी ताकत के बाद भी वैक्सीनेशन के लिए चल रही टीका एक्सप्रेस पैसेंजर की रफ्तार में भी नहीं चल पाई है।

टीका एक्सप्रेस की यह है रफ्तार

17 दिन में टीका एक्सप्रेस ने मात्र 3198 लोगों का टीकाकरण किया गया। इसमें पहला डोज लेने वालों की संख्या 2966 है और दूसरा डोज लेने वालों की संख्या मात्र 232 है। 40 टीम लगाने के बाद भी वैक्सीनेशन को टीका एक्सप्रेस से रफ्तार नहीं मिल पाई है। सरकारने हर गाड़ी को एक दिन में 200 वैक्सीनेशन का लक्ष्य दिया था। ऐसे में पटना में 17 दिनों में 1.36 लाख लोगों को टीका लगाना था। अगर गाड़ियों का अभियान रफ्तार पकड़ा हाेता तो वैक्सीनेशन की संख्या काफी अधिक हो जाती।

17 दिन में 40 गाड़ियों का रिजल्ट आपके सामने

  1. अजीमाबाद अंचल में 6 गाड़ी से 569 पहला और 21 दूसरा डोज लगा
  2. बांकीपुर अंचल में 6 गाड़ी से 848 को पहला और 82 को दूसरा डोज लगा
  3. कंकरबाग अंचल में 6 गाड़ी से 326 को पहला और 63 को दूसरा डोज लगा
  4. नगर परिषद दानापुर में 2 गाड़ी से 230 को पहला और दूसरा डोज एक भी नहीं लगा
  5. नगर परिषद फुलवारी में 2 गाड़ी से 95 को पहला और दूसरा डोज 14 लोगों को दिया गया
  6. न्यू कैपिटल अंचल में 6 गाड़ी से 293 को पहला और 17 को दूसरा डोज दिया गया पाटलिपुत्रा अंचल में 6 गाड़ी से 307 को पहला और 13 को दूसरा डोज दिया गया
  7. पटना सिटी अंचल में 6 गाड़ी से 298 को पहला और 22 को दूसरा डोज दिया गया

40 गाड़ी में 80 कर्मी को लगाया गया

पटना में 40 गाड़ियों में 40 लोगों को लगाया गया था। इसमें एक वैक्सीनेटर और एक कर्मी को वेरीफिकेशन के लिए लगाया गया था। 40 गाड़ी में सवार 80 कर्मी मिलकर कुल 3198 लोगों को टीका लगाए जिसमें 2966 को पहला और 232 को दूसरा डोज लगा। राज्य में इन गाड़ियाें को लेकर तस्वीरें भी खूब वायरल हुईं। ऐसी तस्वीर भी वायरल हुई जिसमें टीका लगाने वाली गाड़ी से परिवार को ढोया जा रहा था। बिहार के कई जिलों से ऐसी गाड़ियों की तस्वीर वायरल हुई है।

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