CBI की जांच रिपोर्ट लीक करने का मामला: अनिल देशमुख के वकील गिरफ्तार, पैसे देकर रिपोर्ट लीक करवाने का आरोप; केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपने सब इंस्पेक्टर को भी अरेस्ट किया

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  • Anil Deshmukh’s Lawyer Arrested, Accused Of Leaking Investigation Report By Paying Money; The Central Investigation Agency Has Also Arrested Its Sub inspector.

मुंबई30 मिनट पहले

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100 करोड़ की वसूली मामले में अनिल देशमुख ने प्रारंभिक जांच के बाद अप्रैल में इस्तीफा दे दिया था लेकिन आरोपों से इनकार किया था।

महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख एक बार फिर विवादों में हैं। सीबीआई की एक रिपोर्ट को लीक करने के आरोप में केंद्रीय जांच एजेंसी उनके वकील आनंद डागा को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले देर रात सीबीआई ने अपने ही डिपार्टमेंट के सब इंसेक्टर अभिषेक तिवारी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि तिवारी ने ही अनिल देशमुख के वकील को कथित जांच रिपोर्ट की कॉपी रिश्वत लेकर लीक की थी।

बता दें कि पिछले हफ्ते सीबीआई की एक जांच रिपोर्ट का एक पेज मीडिया में लीक हुआ था, जिसमें अनिल देशमुख को कथित तौर पर क्लीन चिट देने की बात कही गई थी। जिसके बाद इस मामले में एक और केस दर्ज हुआ था।

लीक रिपोर्ट में जांच अधिकारी ने देशमुख के खिलाफ जांच को बंद करने की सिफारिश करते हुए कहा था कि उन्होंने “कोई संज्ञेय अपराध नहीं” किया है। इसके बाद से दावा किया जा रहा है कि देशमुख के खेमे ने एजेंसी के अधिकारियों से संपर्क करके जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी।

देशमुख के दामाद से भी हुई है पूछताछ
जांच रिपोर्ट के लीक होने पर एजेंसी ने शुरुआत में देशमुख के दामाद से पूछताछ की थी। उनसे पूछताछ के बाद डागा से अब पूछताछ की जा रही है। पिछले हफ्ते, जांच अधिकारी की सिफारिशों के खिलाफ देशमुख के खिलाफ मामला दर्ज करने की रिपोर्ट के बाद एजेंसी ने कहा कि मामला उच्च न्यायालय के एक आदेश के जवाब में दायर किया गया था।

एनसीपी का सीबीआई पर आरोप

एनसीपी ने सीबीआई पर अनिल देशमुख के दामाद को गलत तरीके से कस्टडी में लेने का आरोप लगाया है। एनसीपी प्रवक्ता एवं राज्य के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि उसको कस्टडी में लेने से पहले किसी भी नियम या कार्यवाही का पालन नहीं किया गया। वह वर्ली स्थित अपने आवास से परिवार सहित बाहर निकल रहे थे. तभी अचानक 10-12 लोग आए और उन्होंने कस्टडी में ले लिया। क्या यह कानून का शासन है या शासकों का कानून है?

ऐसे सीबीआई की वसूली केस में हुई एंट्री
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने तीन पन्नों की एक चिट्ठी जारी कर अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपए हर महीने वसूलने का आरोप लगाया गया था। देशमुख ने प्रारंभिक जांच के बाद अप्रैल में इस्तीफा दे दिया था लेकिन आरोपों से इनकार किया था। इसके बाद मामला हाईकोर्ट में गया और अदालत के फैसले के बाद 24 अप्रैल को भ्रष्टाचार और कदाचार के आरोपों में देशमुख तथा कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एक FIR दर्ज की गयी। इसके बाद से सीबीआई देशमुख से दो बार पूछताछ कर चुकी है और उनके कई ठिकानों पर रेड भी हुई है।

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