बड़े स्कैनर मशीन लगाने की तैयारी में रेलवे: दरभंगा पार्सल ब्लास्ट के बाद अलर्ट मोड पर रेलवे; पार्सल की जांच के लिए लगाए जाएंगे लगेज स्कैनर और इंफ्रा रेड मशीन

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पटना7 मिनट पहले

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ट्रेन में पार्सल ढुलाई (फाइल फोटो)।

रेलवे में बुक होने वाले पार्सल की जांच और पैक्ड सामान के बारे में आसानी से पता लगाने के लिए बड़े बदलाव की तैयारी है। बड़े स्टेशनों पर बुक होने वाले पार्सल की जांच के लिए लगेज स्कैनर मशीन लगाने पर मंथन शुरू हो गई है। यह कदम चलती ट्रेनों में और स्टेशन पर मौजूद पैसेंजर्स की सेफ्टी और उनकी सेक्योरिटी को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है। एक बड़े लगेज स्कैनर मशीन की कीमत करीब 80 लाख रुपए है। दरअसल, 17 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन पर सिकन्दराबाद से आई स्पेशल ट्रेन के लगेज कोच से कपड़े के एक पार्सल को उतारा गया था, जिसके अंदर ब्लास्ट हुआ था। बिहार की रेल पुलिस, ATS, तेलंगाना पुलिस, UP की STF की जांच में यह एक आतंकी वारदात निकली थी। इसके बाद मामले की जांच NIA के हाथ चली गई। इसके बाद कई तरह के खुलासे भी हुए। सवाल सेक्योरिटी का है। इस वजह से रेलवे, RPF और बिहार रेल पुलिस की टीम ने हाल ही में एक हाई लेवल मीटिंग की थी, जिसके बाद कई बड़े फैसले लिए गए हैं। बड़े स्टेशनों पर पार्सल ऑफिस के एरिया को इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से लैश करने की तैयारी है। बड़े स्तर पर CCTV की जरूरत है। RPF और रेल पुलिस के डिमांड पर लगेज स्कैनर के साथ-साथ इंफ्रा रेड मशीन भी उपलब्ध कराए जाने की कवायद चल रही है।

अभी हैंड मेटल डिटेक्टर के जरिए रैंडमली होती है चेकिंग

दरभंगा पार्सल ब्लास्ट के बाद से पटना जंक्शन समेत पार्सल की बुकिंग होने वाले सभी बड़े स्टेशनों पर पार्सल की रैंडमली चेकिंग होती है। RPF और रेल पुलिस की टीम हैंड मेटल डिटेक्टर के जरिए हर एक संदिग्ध पार्सल को खंगालती है। सामान को रैंडम चेक करने का रेलवे की तरफ से भी दिशा-निर्देश जारी किया गया था। पटना जंक्शन के पार्सल ऑफिस के अधिकारी बताते हैं कि पार्सल की बुकिंग को लेकर पूरी तरह से सावधानी बरती जा रही है। एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर CCTV लगे हैं, जिससे ऑफिस में आने-जाने वालों और उनकी गतिविधियां कैद हो रही है। सेक्योरिटी की वजह से ही रेलवे ने छोटे स्टेशनों पर पार्सल बुकिंग की सुविधा पहले से ही बंद कर रखी है। बात अगर दानापुर रेल डिवीजन की करें तो पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर, दानापुर, पाटलिपुत्र, किउल और झाझा स्टेशन पर ही पार्सल की बुकिंग हो रही है।

वर्तमान में इस तरह से होती है पार्सल की बुकिंग

पार्सल में दो तरह की बुकिंग होती है। पहला कॉमर्शियल और दूसरा नॉन कॉमर्शियल गुड्स होता है। आम आदमी और कारोबार करने वालों के सामान होते हैं। पार्सल बुक करने से पहले फॉरवार्डिग नोट (फॉर्म) भरा जाता है, जिसमें बुक करने वाले का नाम, पता, मोबाइल नम्बर भरना जरूरी है। फिर रिसीवर का नाम, पता, मोबाइल नम्बर (पाने वाले का मेंडेटरी नहीं है) भरना होता है। साथ ही बुक कराने वाले व्यक्ति को अपनी ID की कॉपी देनी होती है। उस ID का नम्बर फॉर्म पर नोट किया जाता है। पटना जंक्शन के बुकिंग क्लर्क बताते हैं कि बगैर ID और मोबाइल नंबर के सामान बुक होता ही नहीं है। बुकिंग की पूरी प्रक्रिया कम्प्यूटराइज्ड है।

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