फिर से बिहार में सैमगिंकलता कानून के तहत हुई अनोखी शादी, लेकिन यह प्रेम कहानी है कुछ अलग!

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भारत में जब से सैमगिंकलता कानून को मान्यता प्राप्त हो गई है, तब से ही ऐसे प्रेमी जोड़े खुलकर सामने सामने आ रहे हैं और अपने प्यार को लेकर अपना पक्ष भी रख रहे हैं और अब ऐसा ही कुछ एक बार फिर बिहार के पूर्वी चंपारण में देखने को मिला है। दरअसल यह वाक्य बेतिया गांव का है, जहां पर इशरत और नगमा नाम की दो युवतियों ने कोर्ट में जाकर आपस में विवाह कर लिया है, लेकिन जैसे हर कहानी में कोई ना कोई ट्विस्ट आता है, वेसे ही इनकी प्रेम कहानी में भी एक ट्विस्ट आया है, क्योंकि इन दोनों के परिवार को यह शादी मंजूर नहीं है, इसके साथ ही पूरा गांव भी इस शादी को गलत बता रहा है, उन लोगों का मानना है कि दो लड़किया आपस में शादी कैसे कर सकती हैं, यह मुमकिन ही नहीं है।

गांव और परिवार के विरोध और धमकियों के बाद नगमा और इसरत ने गांव के ही थाने में जाकर पुलिस वालों से मदद मांगी और पुलिस वालों ने भी गांव वालों और परिवार को चेतावनी दी कि वो उन दोनों युवतियों को परेशान नहीं करेंगे, जिसके बाद नगमा और इशरत ने वहीं के एक के एक अस्पताल से एक बच्चे को गोद लेकर अपना जीवनयापन शुरू कर दिया है और अब धीरे-धीरे नगमा और इशरत के परिवार ने भी इस शादी को स्वीकार कर लिया है। हम आपको बता दें कि नगमा और इशरत ने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए अपनी प्रेम कहानी के बारे में बताया कि वो दोनों पड़ोसी थी और एक दूसरे को काफी वक्त से पसंद करती थी, लेकिन जब परिवार को सच बताने पर वो लोग नहीं माने तो उन्होंने मजबूरी में कोर्ट में जाकर शादी कर ली थी।

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